अमरोहा के डिडौली में गलत दिशा से ओवरटेकिंग के दौरान बाइक के पास से गुजर रही कार टच होने पर बाइक सवारों ने कार चला रहे न्यायिक कर्मचारी को पीट-पीटकर मार डाला। कार की साइड लगने से आपा खोए बाइक सवारों का दुस्साहस इतना था कि फोन से नजदीकी गांव के रिश्तेदारों को मौके पर बुला लिया। फिर आगे बढ़ चुकी कार को पीछा कर जबरन रुकवा लिया और सरेराह वारदात को अंजाम देकर भाग गए।
यह वारदात रविवार दोपहर की है। सरेआम गुंडई का शिकार हुए राशिद हुसैन (38) अमरोहा में सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में कार्यरत थे। अमरोहा के मोहल्ला नल के रहने वाले राशिद अपनी पत्नी रुखसार (35), भतीजे सलमान व अपने तीन बच्चों (दो बेटे, एक बेटी) के साथ कार से रिश्तेदारी में मुरादाबाद के गांव पट्टी जा रहे थे।बाइक ने रॉन्ग साइड से किया ओवरटेक
सीओ अभिषेक यादव ने बताया कि जैसे ही राशिद हुसैन की कार बंबूगढ़-जोया बाईपास पर पहुंची, तभी पीछे से आ रही बाइक ने रॉन्ग साइड से ओवरटेक किया। इस दौरान कार की साइड बाइक से छू गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान बाइक न गिरी, न कोई नुकसान हुआ। इसके बाद भी बाइक पर सवार दोनों युवक कार में बैठे परिवार को धमकाने लगे।
इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। आपा खोए युवकों में से एक ने अपने परिजनों व रिश्तेदारों को फोन कर मौके पर आने के लिए कहा। यह देख राशिद ने कार आगे बढ़ा दी। राशिद के भतीजे सलमान ने बताया कि कार डिडौली थाना क्षेत्र में पथकोई-हुसैनपुर की पुलिया तक पहुंची थी कि वही दोनों युवक व उनके रिश्तेदार बाइकों से पीछा करते वहां पहुंच गए।जबरन कार रुकवाकर राशिद को बाहर खींच लिया और सभी ने लात-घूंसों से इतना पीटा कि वह मरणासन्न हो गए। भतीजे सलमान व कार में बैठीं राशिद की पत्नी उन्हें बचा नहीं सके। इस बीच जुटे आसपास के लोगों ने राशिद को हमलावरों के बीच से निकाला, जिसके बाद आरोपी भाग गए।मुरादाबाद ले जाते समय रास्ते में ही राशिद ने तोड़ा दम
परिजन उन्हें नजदीक के निजी अस्पताल ले गए, जहां से मुरादाबाद रेफर किया गया। मुरादाबाद ले जाते समय रास्ते में ही राशिद की सांसें थम गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन हमलावरों हाथ नहीं आए। एसपी अमित कुमार आनंद भी घटनास्थल पर पहुंचे और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमों के गठन का एलान किया।
सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
सीओ अभिषेक यादव ने बताया कि मृतक के भतीजे सलमान ने डिडौली के हुसैनपुर गांव निवासी कलीम, शान, कसीम, नसीम और तीन अज्ञात के खिलाफ डिडौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कसीम और नसीम सगे भाई हैं, जबकि कलीम और शान चचेरे-तहेरे भाई हैं। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।पत्नी करती रही मिन्नतें, गिड़गिड़ाते रहे बच्चे, नहीं पसीजे हमलावर
वो सात थे और चाचा (राशिद) अकेले...बाइक से कार छू जाने भर के बदले सातों ऐसे टूटे कि देखते-देखते राशिद हुसैन बेसुध होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिशें कामयाब न होती देख चाची (रुखसार) उनके आगे हाथ जोड़कर मिन्नतें करने लगीं, मासूम बच्चे गिड़गिड़ाते रहे मगर बेरहम हमलावरों को न बच्चों पर तरस आया और न रुखसार की रुलाई उन्हें पिघला सकी। राशिद को गिरा-गिरा कर तब तक लात-घूंसे बरसाए, जब तक वह दम तोड़ने की नौबत तक नहीं पहुंच गए।
यह कहना है 22 वर्षीय सलमान का, जो वारदात के समय अपने चाचा न्यायिककर्मी राशिद हुसैन के साथ कार में सवार थे। राशिद की पत्नी रुखसार (35) और बेटी मायरा (04), बेटा आरिश (08) और अम्माद (02) भी सफर में उनके संग थे। सभी खुशी-खुशी रुखसार के चाचा के घर जाने के इरादे से निकले थे।
वारदात के बाद से रुखसार के आंसू थम नहीं रहे हैं। अपनी आंखों के सामने पति की जान जाती देखने के बाद से रुखसार की आवाज नहीं निकल रही। सिर्फ रुलाई फूट रही है। सहारा दे रहीं महिलाएं कह रही थीं।छोड़ दो मेरे शौहर को...पर बेरहम नहीं माने
सलमान ने बताया कि हमलावरों के आगे हाथ जोड़कर मिन्नतें कर रहीं चाची बार-बार कह रही थीं कि मेरे शौहर को छोड़ दो...। उनकी चीखें-चिल्लाहट न हमलावरों का रुख बदल सकीं और न राशिद का बचाव हो सका। सब कुछ मिटाकर ही हमलावरों के वार रुके।
फॉरेंसिक टीम ने की जांच
राशिद हुसैन की हत्या के बाद एसपी अमित कुमार आनंद के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने कार की भी बारीकी से जांच कर कुछ साक्ष्य जुटाए हैं।आरोपियों ने सीने पर बरसाए लात-घूंसे
राशिद हुसैन के भतीजे सलमान ने बताया कि हमलावरों ने कार से खींचकर चाचा पर लात-घूंसों से बेशुमार वार किए। ज्यादातर वार उनके सीने पर किए गए। बाद में आसपास के लोगों को इकट्ठा होता देख आरोपी मौके से भाग गए।