SHEOHAR; 14 मार्च को लगेगा राष्ट्रीय लोक अदालत, शिवहर में 998 पक्षकारों को भेजा गया नोटिस*
व्यवहार न्यायालय परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी सुनवाई, आपसी समझौते से निपटेंगे कई तरह के मामले
शिवहर जिले में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कुल 998 पक्षकारों को नोटिस भेजा गया है। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश ललन कुमार रजक ने दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी (सिविल) तथा शमनीय आपराधिक (कंपाउंडेबल क्रिमिनल) मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाता है। यह पूरी तरह निःशुल्क और त्वरित प्रक्रिया है, जिसमें न्यायिक अधिकारी और अनुभवी अधिवक्ता दोनों पक्षों को सुनकर विवाद का समाधान कराते हैं। लोक अदालत का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है, जिसके खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं है।
सचिव ने बताया कि शिवहर जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को व्यवहार न्यायालय परिसर में सुबह 10:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक किया जाएगा। इसमें ट्रैफिक चालान, चेक बाउंस, बैंक वसूली, वैवाहिक व पारिवारिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, संपत्ति बंटवारा तथा मोटर एक्सीडेंट क्लेम जैसे मामलों का निपटारा आपसी सुलह के आधार पर किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि लंबित मामलों के लिए संबंधित अदालत में सीधे आवेदन किया जा सकता है, जबकि मुकदमे से पूर्व के विवादों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) में आवेदन दिया जा सकता है। आवेदन के बाद दूसरे पक्ष को नोटिस भेजा जाता है और लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी के साथ समाजसेवी या अधिवक्ता की मौजूदगी में दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समाधान के लिए प्रेरित किया जाता है।
न्यायाधीश ललन कुमार रजक ने बताया कि यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो समझौता डिक्री तैयार की जाती है, जिस पर दोनों के हस्ताक्षर होते हैं और यह अदालत की डिक्री के समान मान्य होती है। लोक अदालत में कोई कोर्ट फीस नहीं लगती और यदि कोई पुराना मामला यहां सुलझ जाता है तो जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस मिल जाती है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।